Pregnancy गर्भावस्था एक ऐसा समय होता है जब माँ का हर निवाला सीधे गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत से जुड़ा होता है। इस दौरान सबसे ज़्यादा जो सवाल पूछा जाता है, वह है – क्या रोज़ फल खाना सच में ज़रूरी है?
डॉक्टरों और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स की मानें तो प्रेग्नेंसी में रोज़ फल खाना बेहद ज़रूरी माना जाता है, क्योंकि फल नेचुरल, हल्के और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।
फल क्यों होते हैं Pregnancy में इतने ज़रूरी?
फल शरीर को वो पोषण देते हैं जो न सिर्फ माँ को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि बच्चे की ग्रोथ, वजन और विकास में भी मदद करते हैं। फलों में मौजूद विटामिन, मिनरल, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट गर्भावस्था की कई सामान्य समस्याओं से बचाव करते हैं।
1. बच्चे की ग्रोथ और वजन बढ़ाने में मदद
डॉक्टरों के अनुसार, फल खाने से बच्चे को लगातार और संतुलित पोषण मिलता है।
केला, आम, एवोकाडो और अनार जैसे फल बच्चे के वजन और मसल्स डेवलपमेंट को सपोर्ट करते हैं। नियमित फल सेवन से Low birth weight का खतरा भी कम होता है।
2. माँ की कमजोरी और थकान कम होती है
प्रेग्नेंसी में थकान, चक्कर और कमजोरी आम समस्या है। फलों में मौजूद नेचुरल शुगर और मिनरल्स शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं।
केला, सेब और अंगूर जैसे फल माँ को दिनभर एक्टिव रखने में मदद करते हैं।
3. कब्ज और पाचन की समस्या से राहत
हार्मोनल बदलाव के कारण प्रेग्नेंसी में कब्ज एक आम परेशानी है।
फल जैसे सेब, नाशपाती, पपीता और संतरा फाइबर से भरपूर होते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाते हैं और कब्ज से राहत देते हैं।
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4. खून की कमी (एनीमिया) से बचाव
डॉक्टर बताते हैं कि प्रेग्नेंसी में आयरन की कमी होना आम है।
अनार, सेब और सूखे फलों के साथ ताज़े फल खाने से हीमोग्लोबिन लेवल बेहतर रहता है, जिससे बच्चे तक ऑक्सीजन सप्लाई सही रहती है।
5. इम्यूनिटी मजबूत होती है
प्रेग्नेंसी के दौरान माँ की इम्यूनिटी थोड़ी कमजोर हो जाती है।
संतरा, कीवी, अमरूद जैसे फल विटामिन C से भरपूर होते हैं, जो इन्फेक्शन से बचाव करते हैं और माँ-बच्चे दोनों को सुरक्षित रखते हैं।
6. जन्म से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम
फलों में पाया जाने वाला फोलेट (Folic Acid) बच्चे के दिमाग और स्पाइन के विकास के लिए बेहद ज़रूरी होता है।
डॉक्टरों के अनुसार, नियमित फल सेवन से neural tube defects जैसी समस्याओं का जोखिम कम होता है।
7. शरीर को हाइड्रेट रखते हैं
कई फल जैसे तरबूज, संतरा और अंगूर में पानी की मात्रा ज़्यादा होती है। ये शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते, जिससे सूजन, सिरदर्द और थकान कम होती है।
फल खाने का सही तरीका क्या है?
डॉक्टर सलाह देते हैं कि:
- रोज़ 2–3 तरह के फल खाएँ
- फल हमेशा ताज़े और अच्छे से धोकर लें
- कटे हुए या पैक्ड फलों से बचें
- जूस की बजाय पूरा फल खाना ज़्यादा फायदेमंद है
किन महिलाओं को सावधानी रखनी चाहिए?
अगर किसी महिला को Gestational Diabetes, High BP या Low AFI जैसी समस्या है, तो फल खाने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।
डॉक्टरों की साफ़ राय है कि प्रेग्नेंसी में रोज़ फल खाना माँ और बच्चे दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है। सही फल, सही मात्रा और सही समय पर लिए जाएँ तो गर्भावस्था का सफर सुरक्षित, स्वस्थ और आसान बन सकता है।
👉 याद रखें: Healthy Mom = Healthy Baby



